जनपद में फल-फूल रहा सूदखोरी का अवैध कारोबार, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
सूदखोर कर रहे टैक्स की बड़ी चोरी
सुधीर राय
गाजीपुर/date:19/06/2026
गाजीपुर: जनपद में फल-फूल रहा सूदखोरी का अवैध कारोबार, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

(सांकेतिक चित्र)
गाजीपुर। जनपद के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अवैध सूदखोरी का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ऊंची ब्याज दरों पर पैसा उधार देकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं। इस अवैध कारोबार की वजह से कई परिवार कर्ज के जाल में फंसकर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूदखोरों द्वारा मनमाने ब्याज की वसूली की जाती है। समय पर भुगतान न होने पर कर्जदारों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, संपत्ति हड़पने तथा सामाजिक दबाव बनाने जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों और प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
जानकारों का मानना है कि बिना किसी वैध लाइसेंस और वित्तीय अनुमति के संचालित हो रहा यह कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज में आर्थिक असमानता और शोषण को भी बढ़ावा दे रहा है। कई मामलों में पीड़ित लोग बदनामी और भय के कारण खुलकर शिकायत तक नहीं कर पाते।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध सूदखोरी का कारोबार खुलेआम संचालित होने की चर्चाएं आम हैं, तो आखिर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर इस ओर क्यों नहीं पड़ रही? क्या प्रशासन इस गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर पीड़ित परिवार इसी तरह शोषण का शिकार होते रहेंगे?
(नोट : समाचार में प्रयुक्त चित्र सांकेतिक है,यदि कही किसी से मिलता है तो सिर्फ संयोग होगा।)