अहिंसा और करुणा ही मानव जीवन का मूल आधार…….जैन मुनि डा. मणिभद्र
शांति सर्वोदय पदयात्रा के माध्यम से मानव समाज को कर रहे प्रेरित
सुधीर राय
Dated : 23/02/2026
नंदगंज(गाजीपुर): शांति सर्वोदय पदयात्रा नेपाल से लेकर निकले जैन मुनि आज जनपद के तीसरे दिन जंगीपुर से होते हुए बरहपुर, नंदगंज पहुंचे।
बरहपुर स्थित शिव मंदिर में नेपाल केसरी जैन मुनि डॉ. श्री मणिभद्र मुनि जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में साझा किया। श्री ईशा नेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में महाराज श्री का वक्तव्य आत्मचिंतन और शांति पर केंद्रित रहा।
मुनि श्री ने कहा कि विश्व शांति का मार्ग किसी अस्त्र-शस्त्र से नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के विचारों की शुद्धि से प्रशस्त होता है। जब तक मनुष्य का मन शांत नहीं होगा, समाज में सौहार्द लाना कठिन है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जात-पात और संप्रदायों से ऊपर उठकर ‘मानव मिलन’ ही समय की पुकार है। एक-दूसरे के प्रति करुणा और सेवा का भाव ही हमें सच्चा इंसान बनाता है। महाराज ने ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि, वे नशे और बुराइयों का त्याग कर चरित्र निर्माण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, “चरित्रवान युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकता है” ।
जैन दर्शन के मूल मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जीव मात्र पर दया करना ही धर्म का सार है।
सभा मे भाजपा नेता योगेश सिंह ने कहा कि जैन सन्त की पदयात्रा का उद्देश्य केवल चलना नहीं, बल्कि सोई हुई मानवीय संवेदनाओं को जगाना है। महाराज श्री का आह्वान है कि यदि आपके छोटे से प्रयास से किसी के जीवन में सुख आता है, तो यही ईश्वर की सच्ची प्रार्थना है।
मुनि महाराज 24 फरवरी को प्रातः नंदगंज से अपनी पद यात्रा प्रारंभ करते हुए सैदपुर के शादी – भादी 11 बजे पहुचेंगे जहा रात्रि विश्राम करेंगे .